દેશી હિસાબ

Audio Upload with Preview Upload Audio File audio upload audio upload No file selected. Upload Clear

भारत : विज्ञान और टेक्नोलॉजी की विरासत Class 10 GSEB Solutions Social Science Chapter 5

 

भारत : विज्ञान और टेक्नोलॉजी की विरासत Class 10 GSEB Solutions Social Science Chapter 5

GSEB Class 10 Social Science भारत : विज्ञान और टेक्नोलॉजी की विरासत Textbook Questions and Answers

1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर विस्तार से लिखिए:

પ્રશ્ન 1.
प्राचीन भारत का धातु विद्या में योगदान समझाइए ।
उत्तर:
प्रस्तावना: प्राचीन भारत में हमारे महान ऋषियों ने विज्ञान के क्षेत्र में अमूल्य विरासत विश्व को दी है, जो हमारे लिए गौरव की बात है ।
धातुविद्या:

  • प्राचीन काल से ही भारत के लोग धातुविद्या को अपने व्यवहारिक जीवन में उपयोग करते है ।
  • प्राचीन भारत में धातुविद्या के क्षेत्र में अद्वितीय सिद्धियाँ प्राप्त की थी । उदाहरण स्वरूप में सिंधुघाटी से प्राप्त धातु की नर्तकी की प्रतिमा, तक्षशिला से प्राप्त हुई ।
  • कुषाण राजाओं के समय की भगवान बुद्ध की प्रतिमाएँ, चोल राजाओं के समय तैयार हुई धातु शिल्प, चैन्नई के संग्रहालय में रखी गयी अंतरराष्ट्रीय प्राप्त नृत्यकला का उत्कृष्ट नमूना महादेव नटराज का शिल्प है ।
  • एक अन्य शिल्प धनुर्धारी श्रीराम का शिल्प भी चैन्नई के संग्रहालय में रखा गया है ।
  • इसके अलावा कलात्मक देवी-देवता, पशु-पक्षी तथा सुपारी काटने की सरौंतियाँ आदि बनाई जाती थी । ये सभी महत्त्वपूर्ण स्थान रखती है ।
  • इन धातुओं को बनाने की परंपरा दसवी से ग्यारहवी सदी में शुरू हुई थी ।

GSEB Solutions Class 10 Social Science Chapter 5 भारत : विज्ञान और टेक्नोलॉजी की विरासत

પ્રશ્ન 2.
प्राचीन भारत में रसायनविद्या में साधी गयी प्रगति का वर्णन कीजिए ।
उत्तर:
प्रस्तावना: भारत के बारे में पश्चिमी देशों की आलोचना थी की वह धर्म और तत्त्वचिंतन में डूबा हुआ देश है । उसके पास आध्यात्मिक और रूढ़िगत दृष्टिकोण है परंतु वैज्ञानिक दृष्टि का अभाव है । आधुनिक संशोधनों के पश्चात् सिद्ध हो गया है और पूर्व आलोचक भी स्वीकारने लगे हैं कि गणितशास्त्र, खगोलशास्त्र, वैदिक विद्या, रसायनशास्त्र, खगोलशास्त्र, वास्तुशास्त्र आदि में भारत ने उल्लेखनीय प्रगति करके अमूल्य विरासत विश्व को प्रदान की है ।

रसायन विद्या:

  • रसायन एक प्रयोगात्मक विज्ञान है । यह विद्या विभिन्न खनिजों, वृक्षों, कृषि, खनिजों, विविध धातु के निर्माण और उसमें परिवर्तन तथा स्वास्थ्य की दृष्टि से आवश्यक औषधियों के निर्माण में उपयोगी है ।
  • रसायनशास्त्रियों में नालंदा विद्यापीठ के आचार्य नागार्जुन को भारतीय रसायनशास्त्र के आचार्य माना जाता है ।
  • नागार्जुन ने ‘रसरत्नाकर’ और ‘स्वास्थ्यमंजरी’ जैसी पुस्तके लिखी थी ।
  • आचार्य नागार्जुन ने वनस्पति औषधि के साथ रसायन औषधी के उपयोग का परामर्श दिया था ।
  • पारे की भस्म बनाकर औषधि के रूप में उपयोग का प्रयोग नागार्जुन ने शुरू किया था ।
  • नालंदा विद्यापीठ में रसायनविद्या के अध्ययन और संशोधन के लिए अपनी अलग रसायनशाला और भट्ठियाँ थी।
  • रसायनशास्त्रों के ग्रन्थों में मुखरस, उपरस, दस प्रकार के विष, विविध प्रकार के क्षारों और धातुओं की भस्म का वर्णन है ।
  • रसायनविद्या की पराकाष्ठा भगवान बुद्ध की धातु शिल्प से दृष्टिगोचर होती है ।
  • बिहार के सुल्तानगंज में भगवान बुद्ध की 7 1/2 फूट ऊँची और 1 टन वजन की ताम्रमूर्ति प्राप्त हुई है ।
  • नालंदा से बुद्ध की 18 फूट ऊँची ताम्रमूर्ति प्राप्त हुई है ।
  • बेस्टसेलर किताबें ऑनलाइन खरीदें

7 टन वजन और 24 फूट ऊँचा सम्राट चंद्रगुप्त द्वितीय (विक्रमाद्वितीय) द्वारा बनाया गया विजय स्तंभ अभी तक वर्षा, धूप, छाँव के उपरांत अभी तक काट (जंग) नहीं लगा है । यह भारतीय रसायनविद्या का उत्तम नमूना है । निष्कर्ष: प्राचीन भारत के विज्ञान का ज्ञान विश्व में स्वीकार्य हुआ है । हमारी संस्कृति विशाल और वैविध्यपूर्ण है । उसमें धर्म और विज्ञान, परंपरागत आदर्शों, व्यवहारिक ज्ञान और समाज का सुमेल समन्वय हुआ है, जो विश्व के अधिकांश देशों में कम है ।

પ્રશ્ન 3.
वैदिक विद्या और शैल्य चिकित्सा का प्राचीन भारत में महत्त्व समझाइए ।
उत्तर:
प्रस्तावना: प्राचीन समय में भारत ने वैदिक विद्या और शैल्य चिकित्सा के क्षेत्र में अभूतपूर्व सिद्धि प्राप्त की थी । भारतीय वैदिकविद्या महान प्रणेता चरक और महर्षि सुश्रुत तथा वाग्भट ने अपने संशोधनों से वैदिक विद्या को उच्च शिखरों तक पहुँचाया था । वैदिक विद्या और शैल्य चिकित्सा :

  • महर्षि चरक ने ‘चरक संहित’ नामक ग्रन्थ में 2000 वनस्पति औषधियों का वर्णन किया है ।
  • महर्षि सुश्रुत ने ‘सुश्रुतसंहिता’ में शैल्यचिकित्सा के धारदार साधनों का वर्णन किया था । ये साधन इतने तीक्ष्ण थे कि एक खड़े बाल को चीरकर दो भागों में बाँटते थे ।
  • वाग्भट्ट का ‘वाग्भट्टसंहिता’ का महत्त्वपूर्ण वैदिक विद्या का ग्रंथ है ।
  • प्रत्येक वैद्य के लिए ‘सुश्रुतसंहिता’, ‘चरकसंहिता’ और ‘वाग्भट्टसंहिता’ का अध्ययन करना अनिवार्य है ।
  • प्राचीन भारत के हिन्दुओं के औषधशास्त्र में खनिज, वनस्पति और प्राणियों की औषधियों का विशाल संग्रह है ।
  • दवाईयाँ बनाने की बारीक विधियों के साथ दवाओं का वर्गीकरण तथा दवाओं के उपयोग की सूचनाएँ दी गयी है ।
  • शैल्य चिकित्सा करने के लिए प्याले के आकार का पट्टा बाँधकर रक्त का परिभ्रमण रोका जाता था ।
  • पेंदु, मुत्राशय, सारगांठ, मोतिया, पथरी, हरस, टूटी-मुडी हुई हड्डीयाँ जोड़ने, शरीर में घुस गये पदार्थों को बाहर निकालने की सभी बातों में भारतीय निपुण थे ।
  • टूटे हुए नाक-कान के उपचार और ‘प्लास्टिक सर्जरी’ भी की जाती थी ।
  • मृत शरीर के चीर-फाड़ और मोम के पुतलों द्वारा प्रत्यक्ष ज्ञान भी विद्यार्थियों को दिया जाता था ।
  • प्रसृति के समय जोखिमी ऑपरेशन करते थे ।
  • वे बालकों तथा स्त्री रोगों के विशेषज्ञ भी थे ।
  • रोगों के कारण, उनका निदान, रोग मिटाने के बाद परहेज भी करवाते थे ।

प्राणी चिकित्सा:

  • प्राचीन भारत में प्राणी रोगों के शास्त्रों का भी विकास हुआ था ।
  • अश्व (घोड़ा) तथा हस्ती (हाथी) के रोगों पर भी ग्रन्थ लिखे थे ।
  • इनमें ‘हस्ती आयुर्वेद’ तथा शालिहोम का अश्वशास्त्र खूब ही विख्यात है ।
  • वेदशास्त्र के विद्वान वाग्भट्ट ने निदान क्षेत्र में ‘अष्टांगहृदय’ जैसे ग्रन्थों ने महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है ।

GSEB Solutions Class 10 Social Science Chapter 5 भारत : विज्ञान और टेक्नोलॉजी की विरासत

પ્રશ્ન 4.
प्राचीन भारत की विज्ञान के क्षेत्र में विरासत:
उत्तर:
भारत के प्राचीन महान ऋषियों ने विज्ञान के क्षेत्र में अमूल्य विरासत विश्व को प्रदान की है ।

  • धातुविद्या, रसायनविद्या, वैदिक विद्या, शैल्य चिकित्सा, गणितशास्त्र, खगोलशास्त्र, ज्योतिषशास्त्र, वास्तुशास्त्र, भौतिक शास्त्र जैसे विज्ञान के अनेक क्षेत्रों में हमारे ऋषियों ने महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है, जो हमारे लिए गौरव की बात है ।
  • भारत ने विविध विज्ञान और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी अपना शीर्ष योगदान दिया है ।
  • अर्वाचीन युग के संशोधनों द्वारा पता चलता है कि भारत आध्यात्मिक विचार के साथ वैज्ञानिक दृष्टिबिन्दु भी रखता है ।
  • पाश्चात्य देशों की अधिकांश वैज्ञानिक और टेक्निकल खोजों से किसी भी प्रकार प्राचीन भारत के विज्ञान का तत्त्व शामिल है ।

2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर मुद्दासर दीजिए:

પ્રશ્ન 1.
प्राचीन भारत ने गणितशास्त्र में साधी गयी प्रगति की जानकारी दीजिए ।
उत्तर:
भारत ने गणितशास्त्र में महत्त्वपूर्ण खोजें की थी । भारत ने शून्य (0) की खोज, दशांश पद्धति, बीजगणित, बोधायन का प्रमेय, रेखागणित और वैदिक गणित जैसे खोजें दी ।

  • शून्य की खोज आर्यभट्ट ने की थी । शून्य को लगाकर अंकों में उपयोग की खोज गृत्समद नामक ऋषि ने की थी ।
  • प्राचीन भारत के गणितज्ञो ने 1 (एक) के पीछे 53 (वेपन) शून्य रखने से बनती संख्या का नाम निर्धारित किया था ।
  • हड़प्पा और मोहें-जो-दड़ो के अवशेषों में मापवाले और तोलने के साधनों में ‘दशांश पद्धति’ पायी जाती है । इसकी पहचान प्राचीन समय में मेघातिथि ने दी थी ।
  • ई.स. 1150 में भास्कराचार्य ने ‘लीलावती गणित’ और ‘बीजगणित’ नामक ग्रन्थ लिख्खे । उसने + (जोड़) तथा – (घटाव) में भी संशोधन किया था ।
  • ब्रह्मगुप्त ने समीकरण के प्रकार बताये थे ।
  • बोधायन का प्रमेय (त्रिकोणमिति) आपस्तंभ ने शुल्बसूत्रों में (ई.स. 800 पूर्व) विविध वैदिक यज्ञों के लिए आवश्यक विविध वेदियों  का प्रमाण निश्चित कर सिद्धांत दिये ।
  • आर्यभट्ट के ‘आर्य भट्टीयम’ ग्रंथ में π (पाई) की कीमत 22/7 (3.14) होती है, इसका उल्लेख है । उसने प्रतिपादित किया था कि वृत्त का गुणोत्तर दर्शाने का अचलांक π है ।
  • भाग की आधुनिक पद्धतियाँ, गुणांक, जोड, वर्गमूल, घनमूल आदि की अष्टांग पद्धति की जानकारी आर्यभट्ट के ग्रंथों में दी है ।
  • आर्यभट्ट को गणितशास्त्र का पिता कहते है, उन्होंने दशगीतिका और आर्यभट्टीयम जैसे ग्रन्थ लिख्ने ।
  • आर्यसिद्धांत में ज्योतिषशास्त्र के मूल सिद्धांतों का संक्षेप में वर्णन है । बीजगणित, अंकगणित और रेखागणित की मूलभूत समस्याओं को हल किया ।
  • इसके अलावा गणित के विभिन्न पक्षों का अपने अपने ग्रंथों में बोधायन, आपस्तंभ और काव्यापन, भास्कराचार्य, ब्रह्मगुप्त ने वर्णन किया है ।

प्रश्न 2.
प्राचीन भारत का खगोलशास्त्र:
उत्तर:
शास्त्रों में सबसे प्राचीन खगोलशास्त्र है ।

  • खगोलशास्त्र से जुड़े अनेक ग्रंथ भारत में लिखे गये है, इन सभी ग्रन्थों का प्राचीन विद्यापीठों में व्यवस्थित और गहन अध्यापन करवाया जाता था ।
  • ग्रहो और उनकी गति, नक्षत्रों तथा अन्य आकाशीय पदार्थों से गणना करके खगोल और ज्योतिषशास्त्र का विकास किया गया था ।
  • ग्रहों के फल से ज्योतिष फलित हुआ है ।
  • जिसके नाम पर भारत के प्रथम उपग्रह का नाम आर्यभट्ट रखा गया है, उस आर्यभट्ट का खगोलशास्त्र में सबसे महत्त्वपूर्ण योगदान रहा है ।
  • आर्यभट्ट ने बताया कि पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमती है तथा चंद्रग्रहण का वास्तविक कारण पृथ्वी की परछाई है । उन्हें विद्वान ‘अजरमर’ के नाम से संबोधित करते थे ।
  • ब्रह्मगुप्त ने ब्रह्मसिद्धांत ग्रन्थ में गुरुत्वाकर्षण का सिद्धांत प्रचलित किया था ।

GSEB Solutions Class 10 Social Science Chapter 5 भारत : विज्ञान और टेक्नोलॉजी की विरासत

પ્રશ્ન 3.
ज्योतिषशास्त्र में भारत के योगदान की जानकारी दीजिए ।
उत्तर:
ग्रहों के फल द्वारा ज्योतिष शास्त्र फलित हुआ है ।

  • ज्योतिषशास्त्र को ‘तंत्र’, ‘होरा’ और ‘संहिता’ इन तीन भागों में बाँटनेवाले वराहमिहिर महान खगोलशास्त्री तथा ज्योतिषशास्त्री थे ।
  • वराहमिहिर ने ‘बृहदसंहिता’ नामक ग्रंथ की रचना की थी ।
  • इस ग्रंथ में मानव के भविष्य पर होनेवाले असर, मनुष्य के लक्षण, प्राणियों के वर्ग, विवाह समय, तालाब, कुओं, बगीचों, खेतों में बुवाई आदि प्रसंगों के शुभमूहों की जानकारी दर्शायी गयी है ।
  • हमें गर्व होता है कि हमारे पूर्वज ज्योतिष विद्या में कितने निपुण थे ।

પ્રશ્ન 4.
वास्तुशास्त्र में किस जानकारी का समावेश होता है ?
उत्तर:
वास्तुशास्त्र ज्योतिषशास्त्र का ही एक अविभाज्य अंग है, जिसकी गणना, महत्ता और प्रशंसा अनेक देशों में भी स्वीकार्य हुई है ।

  • प्राचीन भारत में ब्रह्मा, नारद, बृहस्पति, भृगु, वशिष्ट, विश्वकर्मा जैसे विद्वानों ने वास्तुशास्त्र में योगदान दिया था । .
  • वास्तुशास्त्र में रहने के स्थान, मंदिर, महल, अश्वशाला, किला, शस्त्रागार, नगर आदि की रचना किस तरह करनी, किस दिशा में करनी इसका वर्णन किया गया है । बृहदसंहिता में भी वास्तुशास्त्र का उल्लेख है ।
  • पंदरहवी सदी में मेवाड़ के राणा कुंभा ने पहले के प्रकाशनों में सुधार करवाकर वास्तुशास्त्र का पुनरुद्धार करवाया ।
  • वास्तुशास्त्र को 8 भागों में बाँटनेवाले देवों के प्रथम स्थापति विश्वकर्मा थे ।
  • वास्तुशास्त्र में स्थान की पसंदगी, विविध आकार, रचना, कद, वस्तुओं की जमावट, देवमंदिर, ब्रह्मस्थान, भोजनकक्ष, शयनरखंड आदि विविध स्थानों की जानकारी दी गयी है ।
  • वास्तुशास्त्र की दृष्टि में अब परिवर्तन आया है, जबकि अब उसे विदेशों में भी स्वीकृति मिल रही है ।

3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षिप्त में दीजिए:

પ્રશ્ન 1.
विज्ञान और टेक्नोलॉजी अर्थात् क्या ?
उत्तर:
विज्ञान अर्थात् व्यवस्थित ज्ञान और टेक्नोलॉजी अर्थात् विज्ञान की व्यवहारिक उपयोगिता । विज्ञान और टेक्नोलॉजी दोनों शब्द
भिन्न होने के उपरांत जुड़ गये है ।

પ્રશ્ન 2.
रसायनविद्या के क्षेत्र में नागार्जुन द्वारा दिया गया योगदान बताइए ।
उत्तर:
रसायनशास्त्रियों में नालंदा विद्यापीठ के बोद्ध आचार्य नागार्जुन को भारतीय रसायनशास्त्र के आचार्य माना जाता है ।

  • उन्होंने ‘रसरत्नाकर’ और ‘स्वास्थ्य मंजरी’ जैसी पुस्तकें लिखी है ।
  • आचार्य नागार्जुन ने वनस्पति औषधियों के साथ-साथ रासायनिक औषधियों के उपयोग का परामर्श दिया था ।
  • पारे की भस्म का औषधि के रूप में उपयोग उसने शुरू किया था ।
  • बेस्टसेलर किताबें ऑनलाइन खरीदें

GSEB Solutions Class 10 Social Science Chapter 5 भारत : विज्ञान और टेक्नोलॉजी की विरासत

પ્રશ્ન 3.
गणितशास्त्र में आर्यभट्ट द्वारा की गयी खोजों का वर्णन कीजिए ।
उत्तर:
आर्यभट्ट ने शून्य (0) की खोज की थी इसका वर्णन उसने अपने ग्रन्थ आर्यभट्टीयम में किया है ।

  • आर्यभट्ट ने (पाई) की किमत 22/7 (3.14) होती है, जिसका उल्लेख अपने ग्रन्थ में किया है ।
  • उसने प्रतिपादित किया कि गोलक (वृत्त) की परिधि और व्यास के गुणोत्तर को दर्शाने के लिए अचलांक ए है ।
  • भाग की आधुनिक पद्धति, गुणाकार, जोड़, भाग, वर्गमूल, घनमूल आदि अष्टांग पद्धति की जानकारी आर्यभट्ट ने. अपने ग्रन्थों में दी है ।
  • इसलिए आर्यभट्ट को गणितशास्त्र का पिता कहा जाता है ।
  • उसने ‘दशगीतिका’, ‘आर्यभट्टीयम’ जैसे ग्रन्थ लिखे है ।
  • गणित, अंकगणित और रेखागणित की मूलभूत समस्याओं का समाधान खोजा है ।

પ્રશ્ન 4.
ज्योतिषशास्त्र के कितने विभाग किये गये है ? नाम लिखो ।
उत्तर:
ज्योतिषशास्त्र के तीन विभाग किये गये है ।

  1. तंत्र
  2. होरा और
  3. संहिता ।।

પ્રશ્ન 5.
वास्तुशास्त्र के प्रणेता का नाम लिखो ।
उत्तर:
प्राचीन भारत में ब्रह्मा, नारद, बृहस्पति, भृगु, वशिष्ट, विश्वकर्मा जैसे विद्वान भारतीय वास्तुशास्त्र के प्रणेता थे ।

4. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर सही विकल्प चुनकर दीजिए:

પ્રશ્ન 1.
कला की दृष्टि से अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शिल्प कौन-सी है ?
(A) बुद्ध की
(B) नटराज की
(C) बुद्धगया की
(D) धनुर्धारी राम की
उत्तर:
(B) नटराज की

પ્રશ્ન 2.
निम्न में से कौन-सा विधान सत्य नहीं है ?
(A) नागार्जुन को भारतीय रसायनशास्त्र का आचार्य माना जाता है ।
(B) पारे की भस्म करके औषधी के रूप में उपयोग की प्रथा नागार्जुन ने शुरू की ।
(C) रसायनशास्त्र में प्रयोगात्मक विज्ञान नहीं है ।
(D) धातुओं की भस्म का वर्णन रसायनशास्त्र के ग्रंथों में पाया जाता है ।
उत्तर:
(C) रसायनशास्त्र में प्रयोगात्मक विज्ञान नहीं है ।

GSEB Solutions Class 10 Social Science Chapter 5 भारत : विज्ञान और टेक्नोलॉजी की विरासत

પ્રશ્ન 3.
महर्षि चरक : चरक संहिता, महर्षि सुश्रुत : …………………..
(A) सुश्रुतसंहिता
(B) चरकशास्त्र
(C) वागभट्ट संहिता
(D) सुश्रुतशास्त्र
उत्तर:
(A) सुश्रुतसंहिता

પ્રશ્ન 4.
किसी विद्यालय में एक कक्षा के कुछ विद्यार्थी गणितशास्त्र के विषय में चर्चा करते है । इनमें से कौन सत्य बोलता है ?
श्रेया: भास्कराचार्य ने ‘लीलावती गणित’ और ‘बीजगणित’ के ग्रन्थ लिखे थे ।
यश: दशांशपद्धति के खोजकर्ता बोधायन थे ।
मानसी: आर्यभट्ट को ‘गणितशास्त्र के पिता’ के रूप में पहचाना जाता है ।
हार्द: शून्य (0) की खोज भारत ने की थी ।
(A) यश
(B) हार्द
(C) श्रेया
(D) श्रेया, मानसी, हार्द
उत्तर:
(D) श्रेया, मानसी, हार्द

પ્રશ્ન 5.
ब्राभ्रव्य पांचात रचित ग्रंथ ………………………. है ।
(A) चिकित्सासंग्रह
(B) प्रजननशास्त्र
(C) कामसूत्र
(D) यंत्र सर्वस्व
उत्तर:
(B) प्रजननशास्त्र

પ્રશ્ન 6.
प्राचीन भारत में गुरुत्वाकर्षण का नियम प्रचलित करती प्रणाली ब्रह्मसिद्धांत की रचना किसने की थी ?
(A) ब्रह्मगुप्त
(B) वात्स्यायन
(C) गृत्समद
(D) महामुनि पातंजलि
उत्तर:
(A) ब्रह्मगुप्त

GSEB Solutions Class 10 Social Science Chapter 5 भारत : विज्ञान और टेक्नोलॉजी की विरासत

પ્રશ્ન 7.
मंदिर, महल, अश्वशाला, किला इत्यादि की रचना किस तरह करनी इसके सिद्धांत दर्शानेवाला शास्त्र निम्न में से कौन-सा है ?
(A) गणितशास्त्र
(B) रसायनशास्त्र
(C) वैदकशास्त्र
(D) वास्तुशास्त्र
उत्तर:
(D) वास्तुशास्त्र

GSEB Class 10 Social Science Important Questions Chapter 5 भारत : विज्ञान और टेक्नोलॉजी की विरासत

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर सही विकल्प चुनकर दीजिए:

પ્રશ્ન 1.
धातु शिल्प बनाने की परंपरा कब शुरू हुई थी ?
(A) 10-11वी सदी
(B) 9-10वी सदी
(C) 11-12वी सदी
(D) 12-13वीं सदी
उत्तर:
(A) 10-11वी सदी

પ્રશ્ન 2.
नटराज की शिल्प किस संग्रहालय में रखी गयी है ?
(A) दिल्ली
(B) हैदराबाद
(C) वाराणसी
(D) चैन्नई
उत्तर:
(D) चैन्नई

પ્રશ્ન 3.
दक्षिण भारत में ………………………… के समय धातु शिल्प का विकास हुआ था ।
(A) पल्लववंश
(B) चालुक्यवंश
(C) चोलवंश
(D) चंदेल वंश
उत्तर:
(C) चोलवंश

પ્રશ્ન 4.
इनमें से कौन-सी पुस्तक बौद्ध आचार्य नागार्जुन की है ?
(A) स्वास्थ्य मंजरी
(B) लीलावती गणित
(C) रसरत्नाकर
(D) A और C
उत्तर:
(D) A और C

પ્રશ્ન 5.
रसायनशास्त्रों में कितने प्रकार के विष का वर्णन मिलता है ?
(A) 5
(B) 20
(C) 12
(D) 10
उत्तर:
(D) 10

GSEB Class 10 Social Science Important Questions Chapter 5 भारत : विज्ञान और टेक्नोलॉजी की विरासत

પ્રશ્ન 6.
भगवान बुद्ध का ………………………. फूट ऊँची नालंदा से ताम्रमूर्ति प्राप्त हुई है ।
(A) सुल्तानगंज
(B) नालंदा
(C) तक्षशिला
(D) गांधार
उत्तर:
(B) नालंदा

પ્રશ્ન 7.
लोहस्तंभ कहाँ पर है ?
(A) पटना
(B) जयपुर
(C) खड़कपुर
(D) दिल्ली
उत्तर:
(D) दिल्ली

પ્રશ્ન 8.
महर्षि चरक ने चरकसंहिता में …………….. वनस्पति औषधियों का वर्णन किया है ।
(A) 500
(B) 1000
(C) 1500
(D) 2000
उत्तर:
(D) 2000

પ્રશ્ન 16.
दिल्ली का लोहस्तंभ किसने बनवाया था ?
(A) अशोक
(B) समुद्रगुप्त
(C) राणा प्रताप
(D) चंद्रगुप्त द्वितीय
उत्तर:
(D) चंद्रगुप्त द्वितीय

પ્રશ્ન 9.
‘अष्टांगहृदय’ ग्रन्थ किसने लिखा था ?
(A) बाणभट्ट
(B) वाग्भट्ट
(C) चरक
(D) महर्षि सुश्रुत
उत्तर:
(B) वाग्भट्ट

પ્રશ્ન 10.
शास्त्रों में सबसे प्राचीन शास्त्र कौन-सा है ?
(A) खगोलशास्त्र
(B) ज्योतिषशास्त्र
(C) वास्तुशास्त्र
(D) गणितशास्त्र
उत्तर:
(D) गणितशास्त्र

GSEB Class 10 Social Science Important Questions Chapter 5 भारत : विज्ञान और टेक्नोलॉजी की विरासत

પ્રશ્ન 11.
गुरुत्वाकर्षण का सिद्धांत किसने दिया ?
(A) आर्यभट्ट
(B) वराहमिहिर
(C) ब्रह्मगुप्त
(D) विश्वकर्मा
उत्तर:
(C) ब्रह्मगुप्त

પ્રશ્ન 12.
बृहदसंहिता ग्रन्थ किसने लिखा था ?
(A) आर्यभट्ट
(B) भास्कर
(C) ब्रह्मगुप्त
(D) वराहमिहिर
उत्तर:
(D) वराहमिहिर

પ્રશ્ન 13.
वास्तुशास्त्र किसका एक अंग है ?
(A) खगोलशास्त्र
(B) ज्योतिषशास्त्र
(C) गणित
(D) रसायनशास्त्र
उत्तर:
(B) ज्योतिषशास्त्र

પ્રશ્ન 14.
वराहमिहिर ने वास्तुशास्त्र को कितने भागों में बाँटा है ?
(A) 2
(B) 3
(C) 5
(D) 8
उत्तर:
(B) 3

પ્રશ્ન 23.
वास्तुशास्त्र का पुनरुद्धार मेवाड़ के राणा ……………………… ने करवाया था ।
(A) प्रताप
(B) उदयसिंह
(C) कुंभा
(D) जोधा
उत्तर:
(C) कुंभा

પ્રશ્ન 15.
वास्तुशास्त्र को विश्वकर्मा ने कितने भागों में बाँटा है ?
(A) 3
(B) 5
(C) 6
(D) 8
उत्तर:
(D) 8

GSEB Class 10 Social Science Important Questions Chapter 5 भारत : विज्ञान और टेक्नोलॉजी की विरासत

પ્રશ્ન 16.
देवों के प्रथम इन्जिनियर (स्थापति) कौन थे ?
(A) विश्वकर्मा
(B) कुंभा
(C) वराहमिहिर
(D) नारद
उत्तर:
(A) विश्वकर्मा

પ્રશ્ન 17.
अंकों के पीछे शून्य लगानेवाला खोजकर्ता कौन था ?
(A) आर्यभट्ट
(B) भास्कराचार्य
(C) भास्कर
(D) मृत्समद
उत्तर:
(D) मृत्समद

પ્રશ્ન 18.
भास्कराचार्य ने लीलावती गणित की रचना कब की थी ?
(A) ई.स. पूर्व 1150
(B) ई.स. 1150
(C) ई.स. 900
(D) ई.स. पूर्व 800
उत्तर:
(B) ई.स. 1150

પ્રશ્ન 19.
निम्नलिखित में से कौन-सा विधान असत्य है ?
(A) ब्रह्मगुप्त ने समीकरण के प्रकार बताए है ।
(B) बोद्धायन ने प्रमेय (त्रिकोणमिति) का वर्णन किया है ।
(C) शल्वसूत्रों में आपस्तंभ ने यज्ञों की विविध वेदियाँ निश्चित की है ।
(D) आपस्तंभ ने 0 (शून्य) की खोज की थी ।
उत्तर:
(D) आपस्तंभ ने 0 (शून्य) की खोज की थी ।

પ્રશ્ન 20.
कौन-सा जोड़ा असत्य है ?
(A) शून्य – आर्यभट्ट
(B) त्रिकोणमिति – बोधायन
(C) ब्रह्मगुप्त – समीकरण
(D) वृक्ष आयुर्वेद – शकमुनि
उत्तर:
(D) वृक्ष आयुर्वेद – शकमुनि

GSEB Class 10 Social Science Important Questions Chapter 5 भारत : विज्ञान और टेक्नोलॉजी की विरासत

પ્રશ્ન 21.
आपस्तंभ ने शुल्वसूत्रों की रचना कब की थी ?
(A) ई.स. पूर्व 800
(B) ई.स. 1150
(C) ई.स. 900 पूर्व
(D) ई.स. 1210
उत्तर:
(A) ई.स. पूर्व 800

પ્રશ્ન 22.
चिकित्सा संग्रह ग्रन्थ किसने लिखा था ?
(A) चक्रपाणिदत
(B) वात्स्यायन
(C) शकमुनि
(D) भारद्वाज
उत्तर:
(A) चक्रपाणिदत

પ્રશ્ન 23.
कामसूत्र ग्रन्थ किसने लिखा था ?
(A) चक्रपाणिदत
(B) वात्स्यायन
(C) शकमुनि
(D) महर्षि भारद्वाज
उत्तर:
(A) चक्रपाणिदत

પ્રશ્ન 24.
इनमें से कौन-सा ग्रन्थ शकमुनि ने लिखा था ?
(A) यंत्र सर्वस्व
(B) कालगणना
(C) योगशास्त्र
(D) कामसूत्र
उत्तर:
(B) कालगणना

પ્રશ્ન 25.
यंत्र सर्वस्व ग्रन्थ किसका है ?
(A) शकमुनि
(B) महर्षि भारद्वाज
(C) पातंजलि
(D) पाराशर
उत्तर:
(B) महर्षि भारद्वाज

GSEB Class 10 Social Science Important Questions Chapter 5 भारत : विज्ञान और टेक्नोलॉजी की विरासत

પ્રશ્ન 26.
वृक्ष आयुर्वेद ग्रन्थ किसने लिखा था ?
(A) महामुनि पराशर
(B) महामुनि पातंजलि
(C) महर्षि भारद्वाज
(D) वात्स्यायन
उत्तर:
(B) महामुनि पातंजलि

પ્રશ્ન 27.
योगशास्त्र ग्रन्थ किसका है ?
(A) महामुनि पातंजली
(B) महामुनि पाराशर
(C) चक्रपाणिदत
(D) ब्राभ्रव्य पांचाल
उत्तर:
(A) महामुनि पातंजली

उचित शब्दों द्वारा रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए:

1. रसायनशास्त्र एक ………………………. विज्ञान है ।
उत्तर:
(प्रायोगिक)

2. प्राचीन काल से भारत के लोग ………………………….. का अपने व्यवहारिक जीवन में उपयोग करते है ।
उत्तर:
(धातुविद्या)

3. …………………………… और …………………………… क्षेत्र में संशोधनों ने विश्व के देशों को नजदीक ला दिया है ।
उत्तर:
(विज्ञान, टेक्नोलॉजी)

GSEB Class 10 Social Science Important Questions Chapter 5 भारत : विज्ञान और टेक्नोलॉजी की विरासत

4. …………………………….. के आचार्य नागार्जुन को भारतीय रसायनशास्त्र के आचार्य के रूप में माना जाता है ।
उत्तर:
(नालंदा विद्यापीठ)

5. …………………………….. ने पारे की भस्म का उपयोग शुरू किया था ।
उत्तर:
(नागार्जुन)

6. भगवान बुद्ध की सुल्तानगंज से ……………………….. ऊँची ताम्रमूर्ति प्राप्त हुई है ।
उत्तर:
(7 1/2 फूट)

7. भारत की संस्कृति में सहिष्णुता और ………………………….. पायी जाती है ।
उत्तर:
(समानता)

8. महर्षि चरक ने वैदिक विद्या का ……………………… ग्रंथ लिखा था ।
उत्तर:
(चरकसंहिता)

GSEB Class 10 Social Science Important Questions Chapter 5 भारत : विज्ञान और टेक्नोलॉजी की विरासत

9. महर्षि सुश्रुत ने ………………………. ग्रन्थ लिखा था ।
उत्तर:
(सुश्रुत संहिता)

10. वाग्भट्ट ने वैदिक विद्या पर …………………………….. ग्रन्थ लिखा था ।
उत्तर:
(वाग्भट्ट संहिता)

11. प्राचीन भारत में टूटे हुए नाक-कान जोड़ने के लिए ……………………….. करते थे ।
उत्तर:
(प्लास्टिक सर्जरी)

12. ………………… से पूरी दुनिया का व्यवहार चलता है ।
उत्तर:
(गणित)

13. आर्यभट्ट को ………………………. नाम से संबोधित किया जाता था ।
उत्तर:
(अजरमर)

14. ……………………… ज्योतिषशास्त्री और खगोलशास्त्री थे ।
उत्तर:
(वराहमिहिर)

GSEB Class 10 Social Science Important Questions Chapter 5 भारत : विज्ञान और टेक्नोलॉजी की विरासत

15. ज्योतिषशास्त्र ……………………………….. के द्वारा फलित किया गया है ।
उत्तर:
(ग्रहों के फल)

16. वास्तुशास्त्रों का पुनरुद्धार …………………………………. सदी में मेवाड़ के राणा …………………. ने करवाया था ।
उत्तर:
(15वी, कुंभा)

17. ……………………………… के शून्य (0) की खोज की थी ।
उत्तर:
(आर्यभट्ट)

18. ………………………… में समीकरण के प्रकार बताए है ।
उत्तर:
(ब्रह्मगुप्त)

19. कालगणना नामक ग्रन्थ की रचना ………………………… ने की थी ।
उत्तर:
(शकमुनि)

20. यंत्र सर्वस्व नामक ग्रन्थ …………………………. ने लिखा था ।
उत्तर:
(महर्षि भारद्वाज)

GSEB Class 10 Social Science Important Questions Chapter 5 भारत : विज्ञान और टेक्नोलॉजी की विरासत

सही जोड़े मिलाइए:

लेखकग्रंथ
1. आचार्य नागार्जुन(अ) रसरत्नाकर
2. अष्टांग हृदय(ब) ब्रह्मगुप्त
3. अश्वशास्त्र(क) वाग्भट्ट
4. चरकसंहिता(ड) शालिहोम
5. ब्रह्मसिद्धांत(य) महर्षि चरक

उत्तर:

लेखकग्रंथ
1. आचार्य नागार्जुन(अ) रसरत्नाकर
2. अष्टांग हृदय(क) वाग्भट्ट
3. अश्वशास्त्र(ड) शालिहोम
4. चरकसंहिता(य) महर्षि चरक
5. ब्रह्मसिद्धांत(ब) ब्रह्मगुप्त

2.

विभाग-Aविभाग-B
1. गुरुत्वाकर्षण का सिद्धांत(अ) ब्रह्मगुप्त
2. चंद्रग्रहण का कारण(ब) आर्यभट्ट
3. पशुचिकित्सा(क) शालीहोम
4. ज्योतिषशास्त्र(ड) वराहमिहिर

उत्तर:

विभाग-Aविभाग-B
1. गुरुत्वाकर्षण का सिद्धांत(अ) ब्रह्मगुप्त
2. चंद्रग्रहण का कारण(ब) आर्यभट्ट
3. पशुचिकित्सा(क) शालीहोम
4. ज्योतिषशास्त्र(ड) वराहमिहिर

GSEB Class 10 Social Science Important Questions Chapter 5 भारत : विज्ञान और टेक्नोलॉजी की विरासत

3.

विभाग-Aविभाग-B
1. प्रजननशास्त्र(अ) शकमुनि
2. कामसूत्र(ब) महर्षि भारद्वाज
3. वृक्ष आयुर्वेद(क) महामुनि पातंजलि
4. योगशास्त्र(ड) महामुनी पाराशर
5. यंत्र सर्वस्व(य) वात्स्यायन
6. कालगणना(र) ब्राभ्रव्य पांचाल

उत्तर:

विभाग-Aविभाग-B
1. प्रजननशास्त्र(र) ब्राभ्रव्य पांचाल
2. कामसूत्र(य) वात्स्यायन
3. वृक्ष आयुर्वेद(ड) महामुनी पाराशर
4. योगशास्त्र(क) महामुनि पातंजलि
5. यंत्र सर्वस्व(ब) महर्षि भारद्वाज
6. कालगणना(अ) शकमुनि

4.

विभाग-Aविभाग-B
1. शून्य का खोजकर्ता(अ) चक्रपाणिदत
2. समीकरण(ब) अपस्तंभ
3. शल्वसूत्र(क) ब्रह्मगुप्त
4. चिकित्सासंग्रह(ड) आर्यभट्ट

उत्तर:

विभाग-Aविभाग-B
1. शून्य का खोजकर्ता(ड) आर्यभट्ट
2. समीकरण(क) ब्रह्मगुप्त
3. शल्वसूत्र(ब) अपस्तंभ
4. चिकित्सासंग्रह(अ) चक्रपाणिदत

GSEB Class 10 Social Science Important Questions Chapter 5 भारत : विज्ञान और टेक्नोलॉजी की विरासत

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो वाक्यों में दीजिए:

પ્રશ્ન 1.
प्राचीन भारत में कौन-से शिल्प बनाए गये थे ?
उत्तर:
धातु शिल्प में नटराज, धनुर्धारी राम, कलात्मक देवी-देवताओं, सुपारी काटने की सरौंरियाँ तथा पशु-पक्षियों आदि के शिल्प धातु से बनाए जाते थे ।

પ્રશ્ન 2.
रसायन शास्त्र का किस स्वरूप में उपयोग होता है ?
उत्तर:
विविध खनिजों, वृक्ष, कृषि के बीज, विविध धातुओं का निर्माण और परिवर्तन तथा स्वास्थ्य की दृष्टि से औषधियों के निर्माण में उपयोगी है ।

પ્રશ્ન 3.
बौद्ध आचार्य नागार्जुन ने रसायनशास्त्र के कौन-से ग्रन्थ लिख्ने हैं ?
उत्तर:
नागार्जुन ने ‘रसरत्नाकर’ और ‘स्वास्थ्य मंजरी’ पुस्तके लिखी थी ।

પ્રશ્ન 4.
आचार्य नागार्जुन ने क्या परामर्श दिया था ?
उत्तर:
आचार्य नागार्जुन ने वनस्पति औषधि के साथ रासायनिक औषधि के उपभोग का परामर्श दिया था ।

પ્રશ્ન 5.
नालंदा विद्यापीठ में रसायन के संशोधन के लिए क्या व्यवस्था की गयी थी ?
उत्तर:
नालंदा विद्यापीठ में अध्ययन और संशोधन के लिए (रसायन क्षेत्र) में रसायनशाला और भट्टियाँ थी ।

GSEB Class 10 Social Science Important Questions Chapter 5 भारत : विज्ञान और टेक्नोलॉजी की विरासत

પ્રશ્ન 6.
भारतीय संस्कृति में किसका समन्वय है ?
उत्तर:
भारतीय संस्कृति में धर्म और विज्ञान, परंपरागत आदर्शों, व्यावहारिक ज्ञान और समझ का सुभग समन्वय है ।

પ્રશ્ન 7.
भारत में वैदिक विद्या और शैल्य चिकित्सा में किसका मुख्य योगदान रहा है ?
उत्तर:
महर्षि चरक, सुश्रुत और वाग्भट्ट ने वैदिक विद्या और शैल्य चिकित्सा में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है ।

પ્રશ્ન 8.
प्राचीन भारत में कौन-कौन सी शैल्य चिकित्सा होती थी ?
उत्तर:
प्राचीन भारत में पैदू, मूत्राशय, सारगांठ, मोतिया, पथरी, मस्सा (भगंदर) आदि की शैल्य चिकित्सा होती थी ।

પ્રશ્ન 9.
प्राचीन समय में विद्यार्थियों को शैल्य चिकित्सा कैसे सिखाते थे ?
उत्तर:
मरे हुए शरीर की चीड़-फाड़ और मोम के पुतलों द्वारा ।

પ્રશ્ન 10.
प्राचीन भारत में पशुचिकित्सा पर कौन-कौन से ग्रंथ लिने गये थे ?
उत्तर:
हस्ती आयुर्वेष, शास्त्र और अष्टांग हृदय ग्रन्थ प्राचीन भारत में पशुचिकित्सा के लिए लिखे गये थे ।

GSEB Class 10 Social Science Important Questions Chapter 5 भारत : विज्ञान और टेक्नोलॉजी की विरासत

પ્રશ્ન 11.
भारत ने गणित की खोजे कौन-कौन सी की है ?
उत्तर:
भारत ने शून्य (0), दशांश पद्धति, बीजगणित, बोधायन का प्रमेय, रेखागणित और वैदिक गणित जैसी खोजे दुनिया को दी है ।

પ્રશ્ન 12.
खगोल और ज्योतिषशास्त्रों का विकास कैसे हुआ है ?
उत्तर:
गहों, उनकी गति, नक्षत्रों तथा अन्य आकाशीय पदार्थों की गणना करके खगोल और ज्योतिषशास्त्र का विकास हुआ ।

પ્રશ્ન 13.
आर्यभट्ट ने क्या सिद्ध किया था ?
उत्तर:
आर्यभट्ट ने सिद्ध किया कि पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमती है तथा चंद्रग्रहण का वास्तविक कारण पृथ्वी की परछाई है ।

પ્રશ્ન 14.
गुरुत्वाकर्षण का सिद्धांत किसने और किस ग्रन्थ में दिया ?
उत्तर:
गुरुत्वाकर्षण का सिद्धांत ब्रह्मगुप्त ने ‘ब्रह्मसिद्धांत’ पुस्तक में दिया था ।

પ્રશ્ન 15.
ज्योतिषशास्त्र को किन तीन भागों में बाँटा गया है ?
उत्तर:
वराहमिहिर ने ज्योतिषशास्त्र को ‘तंत्र, होरा और संहिता’ इन तीन भागों में बाँटा है ।

GSEB Class 10 Social Science Important Questions Chapter 5 भारत : विज्ञान और टेक्नोलॉजी की विरासत

પ્રશ્ન 16.
बृहद संहिता में किसका वर्णन मिलता है ?
उत्तर:
इसमें आकाशीय गृहों का मानव पर प्रभाव, मनुष्यों के लक्षण, प्राणियों के वर्गों, विवाह समय तथा शुभ मुहुर्तों की जानकारी दर्शाई गयी है ।

પ્રશ્ન 17.
वास्तुशास्त्रों का पुनरुद्धार कब और किसने किया ?
उत्तर:
वास्तुशास्त्र के ग्रंथों का पुनरुद्धार मेवाड़ के राणा कुंभा ने 15वीं सदी में किया ।

પ્રશ્ન 18.
वास्तुशास्त्र में किसकी जानकारी मिलती है ?
उत्तर:
वास्तुशास्त्र में जगह की पसंदगी, विविध आकार, रचना, कद, वस्तुओं की जमावट, देवमंदिर, ब्रह्मस्थान, भोजनकक्ष, शयनखंड आदि विविध स्थानों की जानकारी मिलती है ।

પ્રશ્ન 19.
भारत के प्राचीन गणितशास्त्री कौन-कौन से है ?
उत्तर:
आर्यभट्ट, गृत्समद भास्कराचार्य, बोधायन, आपस्तंभ कात्यायन, ब्रह्मगुप्त, भास्कर आदि ।

પ્રશ્ન 20.
प्राचीन भारत में 0 के आधार पर कितनी संख्याओं का निर्धारण हआ था ?
उत्तर:
प्राचीन भारत की 53 शून्य रखकर प्राचीन भारत में संख्याओं के नाम रखे थे ।

GSEB Class 10 Social Science Important Questions Chapter 5 भारत : विज्ञान और टेक्नोलॉजी की विरासत

પ્રશ્ન 21.
प्राचीन भारत की दशांश पद्धति की जानकारी कैसे मिलती है ?
उत्तर:
मोहें-जो-दड़ो और हड़प्पा से प्राप्त अवशेषों में मापने और तोलने के साधनों में दशांश पद्धति पायी गयी है ।

પ્રશ્ન 22.
भास्कराचार्य ने कौन-से ग्रन्थ लिखे थे ?
उत्तर:
भास्कराचार्य ने ई.स. 1150 में ‘लीलावती गणित’ और ‘बीजगणित ग्रंथ’ लिख्खे थे ।

પ્રશ્ન 23.
भास्कराचार्य ने अपने ग्रंथ में किसका वर्णन किया है ?
उत्तर:
उसने + (योग) तथा – (ऋण) का संशोधन किया था ।

પ્રશ્ન 24.
अपस्तंभ ने किसका विश्लेषण किया है ?
उत्तर:
आपस्तंभ ने शल्वसूत्रों में (ई.स. 800 पूर्व) विविध वैदिक यज्ञों के लिए आवश्यक विविध वैदियों की मात्रा निश्चित की है ।

પ્રશ્ન 25.
आर्यभट्ट ने की कीमत कितनी निश्चित की थी ?
उत्तर:
आर्यभट्ट ने अपने ग्रन्थ आर्यभट्टीयम में (पाई) की किमत 22/7 (3.14) निश्चित की थी ।

GSEB Class 10 Social Science Important Questions Chapter 5 भारत : विज्ञान और टेक्नोलॉजी की विरासत

પ્રશ્ન 26.
आर्यभट्ट ने कौन-कौन से मुख्य ग्रंथ लिखे थे ?
उत्तर:
आर्यभट्टीयम और दशगीतिका ग्रन्थ लिख्ने थे ।

પ્રશ્ન 27.
आर्यभट्ट ने अपने ग्रंथों में क्या जानकारी दी थी ?
उत्तर:
आर्यभट्ट ने भाग की आधुनिक पद्धति, गुणाकार, योग, बादबाकी, वर्गमूल, घनमूल, अष्टांग पद्धति दी है । .

પ્રશ્ન 28.
प्रजननशास्त्र और चिकित्सा संग्रह ग्रन्थ किसने लिखे थे ?
उत्तर:
प्रजननशास्त्र ब्राभ्रव्य पांचाल और चिकित्सासंग्रह चक्रपाणिदत ने लिखी थी ।

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षिप्त में दीजिए:

પ્રશ્ન 1.
लोहरतंभ की जानकारी दीजिए ।
उत्तर:
लोहस्तंभ का निर्माण चंद्रगुप्त विक्रमा द्वितीय ने दिल्ली में करवाया था । इसे विजयस्तंभ भी कहा जाता है ।

  • यह सात टन वजन और 24 फूट ऊँचा है ।
  • इतने वर्षों तक सर्दी, गरमी, वर्षा, धूप, छाँव के उपरांत इस पर जंग नहीं लगा है ।
  • यह भारतीय रसायन विद्या का उत्तम नमूना है ।

GSEB Class 10 Social Science Important Questions Chapter 5 भारत : विज्ञान और टेक्नोलॉजी की विरासत

પ્રશ્ન 2.
प्राचीन भारत में पशुचिकित्सा की जानकारी दीजिए ।
उत्तर:
प्राचीन भारत में प्राणी रोगों के शास्त्र लिखे गये थे ।

  • अश्व (घोड़ा) तथा हस्ती (हाथी) रोगों पर ग्रन्थ लिखे गये थे ।
  • इनमें ‘हस्ती आयुर्वेद’ तथा ‘शालिहोम का अश्वशास्त्र’ मुख्य था ।
  • वैदिक शास्त्र के विद्वान वाग्भट्ट ने निदान क्षेत्र में ‘अष्टांग हृदय’ ग्रंथ लिखकर महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है ।

निम्नलिखित विधानों के कारण स्पष्ट कीजिए:

પ્રશ્ન 1.
विश्व के राष्ट्र विश्व शांति की ओर अभिमुख हुए है ।
उत्तर:
विज्ञान और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में जो संशोधन हुए उसने विश्व के देशों को नजदीक ला दिया है ।

  • देश-देश के बीच के आंतर व्यवहार को सरल बनाया है ।
  • विश्व के सभी देशों के बीच सहयोग बढ़ा है, नये अभिगम उद्भव हुए है ।
  • राष्ट्र विश्व शांति और सहअस्तित्व की ओर अभिमुख हुए है ।

निम्नलिखित विषयों पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए:

प्रश्न 2.
प्राचीन भारत का खगोलशास्त्र:
उत्तर:
शास्त्रों में सबसे प्राचीन खगोलशास्त्र है ।

  • खगोलशास्त्र से जुड़े अनेक ग्रंथ भारत में लिखे गये है, इन सभी ग्रन्थों का प्राचीन विद्यापीठों में व्यवस्थित और गहन अध्यापन करवाया जाता था ।
  • ग्रहो और उनकी गति, नक्षत्रों तथा अन्य आकाशीय पदार्थों से गणना करके खगोल और ज्योतिषशास्त्र का विकास किया गया था ।
  • ग्रहों के फल से ज्योतिष फलित हुआ है ।
  • जिसके नाम पर भारत के प्रथम उपग्रह का नाम आर्यभट्ट रखा गया है, उस आर्यभट्ट का खगोलशास्त्र में सबसे महत्त्वपूर्ण योगदान रहा है ।
  • आर्यभट्ट ने बताया कि पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमती है तथा चंद्रग्रहण का वास्तविक कारण पृथ्वी की परछाई है । उन्हें विद्वान ‘अजरमर’ के नाम से संबोधित करते थे ।
  • ब्रह्मगुप्त ने ब्रह्मसिद्धांत ग्रन्थ में गुरुत्वाकर्षण का सिद्धांत प्रचलित किया था ।

निम्नलिखित प्रश्नों के विस्तार से उत्तर दीजिए:

प्रश्न 1.
प्राचीन भारत में विभिन्न विज्ञान पर लिख्ने गये ग्रन्थों और उनके रचयिताओं के नाम लिखिए ।
उत्तर:

विज्ञान आधारित शास्त्रों के नामकर्ता
1. प्रजननशास्त्रब्राभ्रव्य पांचाल
2. चिकित्सासंग्रहचक्रपाणिदत
3. कामसूत्रवात्स्यायन
4. वृक्ष आयुर्वेदमहामुनि पाराशर
5. योगशास्त्रमहामुनि पातंजलि
6. यंत्र सर्वस्वमहर्षि भारद्वाज
7. कालगणनाशकमुनि
8. आर्यभट्टीयमआर्यभट्ट
9. लीलावती गणितभास्कराचार्य
10. शुल्वसूत्रआपस्तंभ
11. दशगीतिकाआर्यभट्ट
12. ब्रह्मसिद्धांतब्रह्मगुप्त
13. बृहदसंहितावराहमिहिर
14. चरकसंहितामहर्षि चरक
15. सुश्रुतसंहितामहर्षि सुश्रुत
16. वाग्भट्टसंहितावाग्भट्ट
17. अश्वशास्त्रशालीहोम
18. अष्टांकहृदयवाग्भट्ट

GSEB Class 10 Social Science Important Questions Chapter 5 भारत : विज्ञान और टेक्नोलॉजी की विरासत

प्रश्न 2.
प्राचीन भारत के द्वारा विज्ञान के क्षेत्र में दिए गए योगदान की जानकारी दीजिए ।
उत्तर:
भारत के बारे में पश्चिमी देशों के द्वारा ऐसी आलोचना की जाती थी कि वह धर्म और तत्त्वचिंतन में ही डूबा हुआ देश है । उसके पास आध्यात्मिक और रूढ़िगत दृष्टिकोण है परन्तु वैज्ञानिक दृष्टि का अभाव है । इसके लिए इस पाठ में हम यह देखने का प्रयत्न करेंगे कि भारत ने केवल साहित्य, कला, धर्म, शिक्षण और तत्त्वचिंतन जैसे क्षेत्रों में ही योगदान नहीं दिया है, परन्तु अनेक विज्ञान और टेक्नोलॉजी में भी अपना महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है ।
आधुनिक संशोधनों के पश्चात यह सिद्ध हो गया है तदुपरांत पूर्व आलोचक भी स्वीकारने लगे हैं कि गणितशास्त्र, खगोलशास्त्र, वैदिकशास्त्र, रसायनशास्त्र, ज्योतिषशास्त्र, वास्तुशास्त्र इत्यादि में भी प्राचीन भारत ने उल्लेखनीय प्रगति करके अमूल्य विरासत (धरोहर) विश्व को प्रदान की है । वर्तमान पश्चिमी देशों की लगभग सभी वैज्ञानिक और तकनीक क्षेत्रों में प्राप्त की गयी सिद्धिओं के मूल (आधार) में प्राचीन भारत का विज्ञान एक या दूसरे स्वरूप में दिखाई देता है ।

Popular posts from this blog

વિદ્યાર્થીઓના